राज्य के 465 सरपंचों पर हवालात का खतरा मंडरा रहा है। इन पर फर्जी शैक्षणिक योग्यता से चुनाव लड़ने के चलते एफआईआर दर्ज है। पुलिस जांच कर रही है। दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो हवालात जाना पड़ेगा। प्रदेश के 746 सरपंचों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज से चुनाव लड़ने के आरोप है। इनमें से 465 के खिलाफ पुलिस में आईपीसी की धारा 420,466, 467 के तहत भी मामले दर्ज है। पंचायतीराज विभाग भी इन सरपंचों के दस्तावेज की पड़ताल में लगा हुआ है।
23 सरपंच निलंबित
पुलिस की ओर से प्रदेश में अब तक 23 सरपंचों के खिलाफ जांच की जा चुकी है। इन सरपंचों के खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। इनमें से कुछ की गिरफ्तारी भी हो गई है। पंचायतीराज विभाग इन सभी सरपंचों को निलंबित कर चुका है।
1 जिला प्रमुख व 3 प्रधान पर भी केस
पाली जिला प्रमुख, सिरोही जिला के रेवदर, श्रीगंगानगर के पदमपुर व बाड़मेर के रामसर प्रधान के खिलाफ भी फर्जी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र लगाने का आरोप है। 3 वार्ड पंच, 5 पंचायत समिति सदस्य व 3 जिला परिषद सदस्यों पर भी मामला दर्ज है।
जिन मामलों में आरोपित सरंपच को गिरफ्तार किया है या कोर्ट में चालान पेश कर चुके, उन प्रकरणों में कार्रवाई कर रहे हैं। ऎसे 23 सरपंच निलंबित किए जा चुके हैं।आनंद कुमार, सचिव एवं आयुक्त पंचायतीराज विभाग
फर्जी दस्तावेज से चुनाव लड़ने का मामला आईपीसी की धारा 420. 467,468 में आता है। पुलिस जांच में जिनके खिलाफ मामला बनता है, उन पर कार्रवाई होगी
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